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विज्ञान- अध्याय 1 फसल उत्पादन एवं प्रबन्ध Imp प्रश्न


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अध्याय 1 फसल उत्पादन एवं प्रबन्ध ब्लूप्रिंट आधारित बहु-विकल्पीय लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | Chapter 1 Fasal Utpadan and Prabandhan

बहु-विकल्पीय प्रश्न
पाठ्यपुस्तक से 6 प्रश्न

प्रश्न 1. धान एवं मक्का की फसल है—
(A) रबी
(B) खरीफ
(C) जायद
(D) मिश्रित।
उत्तर — (B) खरीफ

प्रश्न 2. सीड ड्रिल कृषि यन्त्र किस कार्य के लिए उपयोगी है?
(A) कटाई
(B) बोआई
(C) निराई
(D) सिंचाई।
उत्तर — (B) बोआई

प्रश्न 3. मिट्टी को उलटने-पलटने एवं पोला करने की प्रक्रिया कहलाती है—
(A) सिंचाई
(B) कटाई
(C) जुताई
(D) श्रेसिंग।
उत्तर — (C) जुताई

प्रश्न 4. यूरिया उर्वरक है—
(A) नाइट्रोजनी
(B) स्फुरी
(C) पोटैशिक
(D) संयुक्त।
उत्तर — (A) नाइट्रोजनी

प्रश्न 5. रासायनिक पदार्थ जो पौधों को पोषक प्रदान करते हैं—
(A) चारा
(B) उर्वरक
(C) खरपतवार
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर — (B) उर्वरक

प्रश्न 6. यह चित्र किस सिंचाई विधि से सम्बन्धित है?



(A) डेकली
(B) ड्रिप तन्त्र
(C) चेन तन्त्र
(D) छिड़काव तन्त्र।
उत्तर — (D) छिड़काव तन्त्र।

एटग्रेड अभ्यासिका से 6 प्रश्न

प्रश्न 7. निम्नलिखित में से किस कार्य से मिट्टी को पोषण तत्त्व प्राप्त नहीं होते हैं—
(A) फसल चक्रण
(B) कटाई करना
(C) खेत को कुछ समय बिना कुछ उगाये छोड़ देना
(D) जैविक खाद का उपयोग करना।
उत्तर — (B) कटाई करना

प्रश्न 8. पहेली जल की कमी वाले क्षेत्र में रहती है, वह सिंचाई के लिए किस विधि का उपयोग करे कि जल व्यर्थ न होकर सीधे पौधों की जड़ों को मिले—
(A) रहट
(B) ड्रिप तन्त्र
(C) ढेकली
(D) छिड़काव।
उत्तर — (B) ड्रिप तन्त्र

प्रश्न 9. निम्न में से रबी फसल का सही युग्म है—
(A) धान, मक्का
(B) सोयाबीन, मूँगफली
(C) गेहूँ, चना
(D) कपास, मूँग।
उत्तर — (C) गेहूँ, चना

प्रश्न 10. काटी गई फसल से बीजों या दोनों को भूसे से अलग करने का कार्य किस मशीन द्वारा किया जाता है?
(A) कॉम्बाइन
(B) कल्टीवेटर
(C) सीड ड्रिल
(D) कुदाली।
उत्तर — (A) कॉम्बाइन

प्रश्न 11. खरपतवार हटाने की क्रिया को कहते हैं—
(A) कटाई
(B) निराई
(C) सिंचाई
(D) जुताई।
उत्तर — (B) निराई

प्रश्न 12. पौधों द्वारा लगातार उपयोग किए जाने से मृदा में पोषक तत्त्वों की मात्रा कम होने लगती है, पौधों की अच्छी पैदावार के लिए मृदा में खाद एवं उवर्रक मिलाये जाते हैं। खाद एवं उर्वरक में पाये जाने वाले पोषक तत्त्वों का सही युग्म है—
(A) नाइट्रोजन, सल्फर, कार्बन
(C) फॉस्फोरस, कार्बन, हाइड्रोजन
(B) फॉस्फोरस, सोडियम, सिल्वर
(D) नाइट्रोजन, पोटैशियम, फॉस्फोरस।
उत्तर — (D) नाइट्रोजन, पोटैशियम, फॉस्फोरस।

रिक्त स्थान पूर्ति प्रश्न
पाठ्यपुस्तक से 4 प्रश्न

प्रश्न 1. एक स्थान पर एक ही प्रकार की बड़ी मात्रा में उगाए गए पौधों को ------- कहते हैं।
प्रश्न 2. फसल उगाने से पहले प्रथम चरण मिट्टी की -------- होती है।
प्रश्न 3. क्षतिग्रस्त बीज जल की सतह पर -------- लगेंगे।
प्रश्न 4. फसल उगाने के लिए पर्याप्त सूर्य का प्रकाश एवं मिट्टी से -------- तथा ------ आवश्यक हैं।
उत्तर— 1. फसल 2. तैयारी 3. तैरने 4. जल, पोषक तत्त्व

एटग्रेड अभ्यासिका से 5 प्रश्न

प्रश्न 5. जून से सितम्बर माह तक ------- फसल की बुआई की जाती है। 
प्रश्न 6. -------- यन्त्र द्वारा बुआई करने से समय एवं श्रम की बचत होती है।
प्रश्न 7. खाद एक प्राकृतिक पदार्थ है जो -------- के अवशेष के विघटन से प्राप्त होते हैं।
प्रश्न 8. असमतल भूमि वाले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए -------- का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 9. 2, 4-D एक -------- है।
उत्तर— 5. खरीफ 6. सीड ड्रिल 7. गोबर एवं पौधों के 8. छिड़काव तन्त्र  9. खरपतवारनाशी।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न
पाठ्यपुस्तक से 5 प्रश्न

प्रश्न 1. जुताई किसे कहते हैं?
उत्तर— मिट्टी को उलटने-पलटने एवं पोला करने की प्रक्रिया जुताई कहलाती है।

प्रश्न 2. श्रेसिंग किसे कहते हैं?
उत्तर— फसल में से दानों को भूसे से अलग करना प्रेसिंग कहलाता है।

प्रश्न 3. मिट्टी में रहने वाले केंचुए एवं सूक्ष्मजीवों को किसानों का मित्र क्यों कहा जाता है?
उत्तर— मिट्टी में रहने वाले केंचुए और सूक्ष्मजीव मिट्टी को पलट कर पोला करते हैं तथा ह्यूमस बनाते हैं। इसलिए इन्हें किसानों का मित्र कहा जाता है।

प्रश्न 4. सीड ड्रिल यन्त्र द्वारा बोआई करने से क्या लाभ हैं?
उत्तर— इससे बीज समान दूरी और गहराई पर रहते हैं तथा मिट्टी द्वारा ढक जाते हैं।

प्रश्न 5. धान को वर्षा ऋतु में क्यों उगाते हैं?
उत्तर— धान को उगाने के लिए बहुत अधिक पानी की आवश्यकता होती है। इसलिए इसे वर्षा ऋतु में उगाया जाता है।

एटग्रेड अभ्यासिका से 4 प्रश्न

प्रश्न 6. फसल से आप क्या समझते हैं? फसलों को कितने वर्गों में बाँटा जा सकता है?
उत्तर— फसल-किसी स्थान पर बड़े पैमाने पर उगाये जाने वाले एक ही प्रकार के पौधे फसल कहलाते हैं। फसलों का वर्गीकरण- फसलों को दो वर्गों में बाँटा जा सकता है—
(1) खरीब फसल (जून से सितम्बर)— इसमें धान, मक्का, सोयाबीन इत्यादि फसल आती है।
(2) रबी फसल (अक्टूबर से मार्च) — इसमें गेहूं, चना, सरसों एवं दालें इत्यादि फसल आती हैं।

प्रश्न 7. पशुपालन किसे कहते हैं?
उत्तर— खाद्य पदार्थ देने वाले पशुओं की उचित भोजन व्यवस्था, आवास एवं उनकी देखभाल करना पशुपालन कहलाता है।

प्रश्न 8. सिंचाई के पारम्परिक स्रोतों के नाम लिखिए।
उत्तर— सिंचाई के पारम्परिक स्रोतों के नाम—
(1) मोट (घिरनी)
(2) चेन पम्प
(3) डेकली
(4) रहट (उत्तोलक तन्त्र)।

प्रश्न 9. बीजों को उचित दूरी पर बोना क्यों आवश्यक है?
उत्तर— बीजों को उचित दूरी पर बोने से अनेक लाभ हैं—
 फसल से खरपतवार हटाने के लिए निराई-गुड़ाई करना आसान है। इसके अतिरिक्त पौधों को वृद्धि के लिए उचित पोषक तत्त्व, जल, प्रकाश एवं वायु उपलब्ध रहती है।

लघु उत्तरीय प्रश्न
पाठ्यपुस्तक से 7 प्रश्न

प्रश्न 1. खाद देने से फसलों को क्या-क्या लाभ होते हैं?
उत्तर— खाद देने से फसलों को निम्नलिखित लाभ हैं—
(1) इससे मिट्टी की जलधारण क्षमता में वृद्धि होती है।
(2) इससे मिट्टी भुरभुरी और सरन्ध्र हो जाती है जिसके कारण गैस विनिमय सरलता से होता है।
(3) इससे मित्र जीवाणुओं की संख्या में वृद्धि हो जाती है।
(4) इससे मिट्टी का गठन अच्छा हो जाता है।

प्रश्न 2. उर्वरक और खाद में क्या अन्तर है?
उत्तर— उर्वरक और खाद में निम्नलिखित अन्तर हैं—
उर्वरक
1. उर्वरक एक अकार्बनिक लवण है।
2. इसका उत्पादन फैक्ट्रियों में किया जाता है।
3. इससे मिट्टी को ह्यूमस प्राप्त नहीं होती।
4. इसमें पादप पोषक प्रचुर मात्रा में होते हैं।
खाद
1. यह एक प्राकृतिक पदार्थ है, जो गोबर, मानव अपशिष्ट एवं पौधों के अवशेष के विघटन से बनाया जाता है।
2. खाद खेतों में बनाई जाती है।
3. इससे मिट्टी को प्रचुर मात्रा में ह्यूमस प्राप्त होती है।
4. इसमें पादप पोषक अपेक्षाकृत कम मात्रा में होते हैं।

प्रश्न 3. पौधशाला (नर्सरी) में पौधे छोटे-छोटे थैलों में क्यों रखे जाते हैं?
उत्तर— धान जैसे कुछ पौधों के बीजों तथा वनीय एवं पुष्पीय पौधों को पौधशाला में उगाया जाता है। जब पौध तैयार हो जाती है तो इन्हें नष्ट होने से बचाने के लिए छोटे-छोटे थैलों में रख देते हैं फिर जहाँ खेतों में इन्हें रोपित करना होता है, तब इन्हें थैलों से निकालकर हाथों से खेत में रोपित कर देते हैं।

प्रश्न 4. सिंचाई की डिप तन्त्र विधि लिखिए।
उत्तर— ड्रिप तन्त्र विधि-इस विधि में जल बूंद-बूंद करके पौधों पर गिरता है। इस विधि का उपयोग करने से जल व्यर्थ नहीं जाता। यह विधि फलदार पौधों, बगीचों एवं वृक्षों को पानी देने के लिए सर्वोत्तम विधि है। यह जल को कमी वाले क्षेत्रों के लिए अधिक उपयुक्त है।

प्रश्न 5. यदि गेहूँ को खरीफ ऋतु में उगाया जाए तो क्या होगा? चर्चा कीजिए।
उत्तर— गेहूँ रबी की फसल है। इसे शीत ऋतु में उगाया जाता है। खरीफ की फसल जून से सितम्बर तक होती है। इस समय वर्षा काफी अधिक मात्रा में होती है। यदि गेहूँ को इस समय उगाया जाए तो गेहूँ के पौधे अधिक मात्रा में पानी मिलने की वजह से सड़कर खराब हो जाएँगे और फसल नष्ट हो जाएगी।

प्रश्न 6. निराई और गुड़ाई से फसलों को क्या लाभ हैं?
उत्तर— निराई-गुड़ाई से खरपतवार नष्ट हो जाते हैं तथा पौधे उचित प्रकार से वृद्धि करते हैं। इसके अतिरिक्त भूमि में पर्याप्त नमी बनी रहती है, वायु का संचार होता है तथा कीटाणु एवं रोग उत्पन्न करने वाले जीवों से फसलों का बचाव होता है।

प्रश्न 7. खेत में लगातार फसल उगाने से मिट्टी पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर— खेत में लगातार फसल उगाने से मिट्टी में पोषक तत्त्वों की कमी हो जाती है। इस कमी को पूरा करने के लिए किसान खेतों में खाद तथा उर्वरक डालते हैं। इससे किसान एक फसल के बाद दूसरी किस्म की फसल उगाते हैं। खेत में अपर्याप्त खाद होने से पौधे कमजोर हो जाते हैं।

एटग्रेड अभ्यासिका से 4 प्रश्न

प्रश्न 8. "जैविक खाद उर्वरक की अपेक्षा अधिक अच्छी मानी जाती है।" स्पष्ट कीजिए।
उत्तर— जैविक खाद उर्वरक की अपेक्षा अधिक अच्छी मानी जाती है। क्योंकि—
(1) इससे मिट्टी की जलधारण क्षमता में वृद्धि होती है।
(2) इससे मिट्टी भुर-भुरी एवं सरंध्र हो जाती है जिसके कारण गैस विनिमय सरलता से होता है।
(3) इससे मित्र जीवाणुओं की संख्या में वृद्धि हो जाती है।
(4) इस जैविक खाद से मिट्टी को ह्यूमस प्राप्त होता है जिससे मिट्टी का गठन सुधर जाता है।

प्रश्न 9. खरपतवार से आप क्या समझते हैं? ये फसलों को किस प्रकार हानि पहुँचाते हैं?
उत्तर— खरपतवार– खेत में फसल के साथ-साथ कुछ अवांछनीय पौधे उग आते हैं, उन्हें खरपतवार कहते हैं।
खरपतवार से फसलों को हानि— ये पौधों के जल, पोषक तत्त्वों, प्रकाश एवं जगह का अधिग्रहण करके उनको वृद्धि पर विपरीत प्रभाव डालते हैं।

प्रश्न 10. फसल को बोने से पूर्व आप स्वस्थ बीजों का चयन किस प्रकार करेंगे?
उत्तर— फसल के लिए स्वस्थ बीजों का चयन करने के लिए पानी में डाल देते हैं। जो बीज स्वस्थ व अच्छे होते हैं वे भारी होने के कारण पानी में बैठ जाते हैं। क्षतिग्रस्त बीज हल्के और खोखले हो जाते हैं जो जल में डालने पर जल पर तैरने लगते हैं।

प्रश्न 11. फसल के भण्डारण से पूर्व धूप में सुखाना क्यों आवश्यक है?
उत्तर— उत्पाद का भण्डारण एक महत्त्वपूर्ण कार्य है। ताजा फसल में नमी की मात्रा अधिक होती है। यदि फसल के दानों को सुखाए बिना भण्डारित किया गया तो उनके खराब होने अथवा जीवों द्वारा आक्रमण से वे अंकुरण के लिए अनुपयोगी हो जाते हैं। अत: भण्डारण से पहले दानों (बीजों) को धूप में सुखाना आवश्यक है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
पाठ्यपुस्तक से 4 प्रश्न

प्रश्न 1. खरपतवार क्या हैं? हम उनका नियन्त्रण कैसे कर सकते हैं?
उत्तर— खेत में फसल के साथ कुछ अवांछित पौधे उग आते हैं, इन पौधों को खरपतवार कहते हैं। इनको हटाना आवश्यक होता है अन्यथा ये फसल की वृद्धि में बाधा डालते हैं। पशुओं और मनुष्यों के लिए ये विषैले/ हानिकारक भी हो सकते हैं। इनका नियन्त्रण निम्न प्रकार किया जा सकता है—
(1) फसल उगाने से पहले खेत जोतकर इन्हें नष्ट किया जा सकता है। खेत जोतने पर ये सूखकर नष्ट हो जाते हैं।
(2) पुष्पन एवं बीज बनने से पहले इन्हें हाथ से, खुरपी से या हैरो की सहायता से हटाया जा सकता है।
(3) खेतों में खरपतवारनाशी रसायनों का उपयोग करके इन पर नियन्त्रण किया जा सकता है।

प्रश्न 2. जल की कमी वाले क्षेत्रों में सिंचाई की किस विधि का प्रयोग किया जाता है ? विधि का नाम लिखिए तथा चित्र बनाइए।
उत्तर— जल की कमी वाले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए छिड़काव तन्त्र विधि (Sprinkler system) का प्रयोग किया जाता है। यह जल संरक्षित करने वाली सिंचाई की विधि है।
छिड़काव तन्त्र— इस विधि का उपयोग असमतल भूमि, जहाँ जल कम मात्रा में उपलब्ध हो, किया जाता है। इस विधि में पाइपों के ऊपर घूमने वाले नोजल लगे होते हैं। ये पाइप निश्चित दूरी पर मुख्य पाइप से जुड़े रहते हैं। जब पम्प द्वारा जल को मुख्य पाइप में भेजा जाता है, तो यह घूमते हुए नोजल से बाहर निकलकर पौधों पर वर्षा की भाँति छिड़काव करता है। बलुई मिट्टी के लिए यह विधि अत्यन्त उपयोगी है।



प्रश्न 3. सिंचाई क्या है ? इसकी आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर— उचित समय एवं विभिन्न अन्तराल पर खेत में जल देना सिंचाई कहलाता है।
सिंचाई की आवश्यकता— फसल के उत्पादन के लिए पोषक तत्त्वों की आवश्यकता होती है। पौधे की जड़ों द्वारा जल का अवशोषण होता है जिसके साथ खनिजों और उर्वरकों का अवशोषण भी होता है। इनसे पौधे की वृद्धि एवं परिवर्द्धन होता है। जल इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि बीजों का अंकुरण शुष्क स्थिति में नहीं हो सकता। जल में घुले पोषक तत्वों का स्थानान्तरण पौधे के प्रत्येक भाग में होता है। यह फसल की पाले एवं गर्म हवा से रक्षा करता है तथा स्वस्थ फसल वृद्धि के लिए मिट्टी की नमी को बनाए रखता है। अतः नियमित रूप से खेत की सिंचाई करना आवश्यक है।

प्रश्न 4. मिट्टी को पोला करना और पलटना क्यों आवश्यक है?
उत्तर— पोली मिट्टी में वायु अधिक गहराई तक जा सकती है। इसलिए पोली मिट्टी में गहराई में धँसी जड़े भी सरलता से श्वसन कर सकती हैं।
मिट्टी को पलटने और पोला करने से पोषक तत्त्व ऊपर आ जाते हैं और पौधे इन पोषक तत्त्वों का उपयोग कर सकते हैं। पोली मिट्टी, केंचुओं और सूक्ष्मजीवों की वृद्धि करने में सहायक है क्योंकि ये मिट्टी को और पलटकर पोला करते हैं और ह्युमस बनाते हैं। अत: मिट्टी को पोला करना और पलटना आवश्यक है।

एटग्रेड अभ्यासिका से 2 प्रश्न

प्रश्न 5. मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए कौन-कौन से तरीके उपयोग में लाते हैं? विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर— मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए निम्न तरीके उपयोग में लाते हैं—
(1) मिट्टी में पोषक तत्त्वों का होना आवश्यक है, इसके लिए मिट्टी में खाद मिलाना चाहिए। खाद प्राणियों एवं पौधों के व्यर्थ पदार्थों, जैसे कि गोबर, अवशेष मल-मूत्र आदि से बनी होती है।
(2) मिट्टी में उर्वरक मिलाने चाहिए। उर्वरक रासायनिक यौगिकों का मिश्रण होते हैं जो विशेष पोषकों से समृद्ध होते हैं। जैसे- यूरिया, अमोनियम सल्फेट, पोटाश, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम।
(3) उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद का उपयोग करना चाहिए।
(4) दो फसलों के बीच में खेत को कुछ समय के लिए बिना कुछ उगाए छोड़ देना चाहिए।
(5) खरपतवार को हटा देना चाहिए। 
(6) मित्र जीवाणुओं की संख्या में वृद्धि करनी चाहिए।

प्रश्न 6. निम्न पर टिप्पणी लिखिए—
(अ) हल (ब) कुदाली (स) कल्टीवेटर (द) सीड ड्रिल।
उत्तर— (अ) हल— यह औजार लकड़ी का बना होता है जिसे बैलों की जोड़ी या अन्य पशुओं की सहायता से खींचा जाता है। इसमें लोहे की मंजबूत नुकीली फाल लगी होती है। मुख्य भाग लम्बी लकड़ी का बना होता है जो हल शाफ्ट कहलाता है। इसका उपयोग जुताई, खाद मिलाने, खरपतवार निकालने एवं मिट्टी खुरचने के लिए किया जाता है।

(ब) कुदाली— इस यन्त्र में लकड़ी या लोहे की छड़ होती है जिसके एक सिरे पर लोहे की चौड़ी मुड़ी हुई प्लेट लगी होती है जो ब्लेड का कार्य करती है। इसका दूसरा सिरा पशुओं द्वारा खींचा जाता है। इसका उपयोग खरपतवार निकालने एवं मिट्टी को पोला करने के लिए किया जाता है।

(स) कल्टीवेटर—  आजकल खेतों की जुताई ट्रैक्टरों द्वारा संचालित कल्टीवेटरों से की जाती है। इसके उपयोग से श्रम (परिश्रम) एवं समय की बचत होती है।

(द) सीड ड्रिल— आजकल खेतों में बीजों की बुआई ट्रैक्टर द्वारा संचालित सीड ड्रिल द्वारा होती है। इसके द्वारा बीजों में समान दूरी एवं गहराई बनी रहती है। इसके द्वारा बुआई के समय बीज मिट्टी से ढकते चले जाते हैं। इस यन्त्र की सहायता से श्रम (परिश्रम) एवं समय दोनों की बचत होती है।

आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।
Thank you.
infosrf
R. F. Temre (Teacher)