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कक्षा दूसरी की भाषा भारती के प्रारंभ में पहले अंश के रुप में 'अपने बारे में बताओ' दिया हुआ है। इस अंश के देने का कारण बच्चों को अपना परिचय देना सिखाना है। जिसमें स्वयं के नाम के साथ माता-पिता नाम बताना और अन्य जानकारी के साथ निवास के बारे में बताना सिखाना उद्देश्य है।
अपने बारे में बताओ
मेरा नाम ------------------------- है।
मेरी माताजी का नाम श्रीमती ---------- है।
मेरे पिताजी का नाम श्री -------------- है।
मेरे --------- भाई और -------- बहिनें हैं।
हम लोग -------------------- में रहते हैं।
हमारे घर में कुल ------------ लोग रहते हैं।
मेरे गाँव / शहर का नाम --------------- है।
हमारे जिले का नाम ------------------ है।
मेरी शाला का नाम ------------------- है।
मैं -------------- कक्षा में पढ़ती / पढ़ता हूँ।
मैं ---------------------- साल की/का हूँ।
मेरे घर के पास ------------ रहती / रहता है।
मुझे -------------------- अच्छा लगता है।
भाषा भारती के दूसरे अंश में 'प्रार्थना' दी गई है। इस अंश के देने का कारण बच्चों को ईश्वर की आराधना/वंदना करना सिखाना है। जिससे बच्चे अच्छे संस्कार सीख सकें।
प्रार्थना
हमें ज्ञान दो हे भगवान,
प्रतिदिन करें तुम्हारा ध्यान।
कभी नहीं मन में अभिमान,
हमसे सबका हो कल्याण।
माता और पिता का मान,
रखें हम सबका सम्मान।
करें पढ़ाई पाएँ ज्ञान,
सदा रहे सेवा का ध्यान।
टीप― 1. उक्त प्रार्थना को बच्चों से कंठस्थ याद करना चाहिए।
2. प्रतिदिन विद्यालय प्रारंभ होने से पूर्व बच्चे इस प्रार्थना को कर सकते हैं। या कक्षा प्रारंभ होने से पूर्व इस प्रार्थना को बच्चों से कराया जा सकता है।
'प्रार्थना' कविता का हिन्दी अनुवाद
बच्चे ईश्वर की प्रार्थना करते हुए कहते हैं कि हे ईश्वर! हमें ज्ञान प्रदान कीजिए। हम प्रति दिवस आपका ध्यान करते रहें हमें ऐसा आशीर्वाद दो। हमारे मन में कभी भी अभिमान न आए। हमारे द्वारा सभी लोगों का कल्याण हो।
बच्चे आगे प्रार्थना करते हुए कहते हैं कि हम अपने माता-पिता के मान सम्मान के साथ-साथ सभी लोगों का सम्मान करें। हम सदैव पढ़ाई करते हुए ज्ञान प्राप्त करें और हमारे मन में सदैव दूसरों की सेवा का ध्यान बना रहे। ऐसा हमें आशीर्वाद प्रदान करो।
मौखिक प्रश्नोत्तर
1. बच्चे ईश्वर से क्या देने के लिए कह रहे हैं?
उत्तर— बच्चे ईश्वर से ज्ञान देने के लिए कह रहे हैं।
2. हमारे मन में क्या नहीं आना चाहिए?
उत्तर— हमारे मन में कभी भी अभिमान नहीं आना चाहिए।
3. हमें किसके मान का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर— हमें अपने माता-पिता के मां का ध्यान रखना चाहिए।
4. हमें किनका सम्मान करना चाहिए?
उत्तर— हमें सभी का सम्मान करना चाहिए।
5. पढ़ाई करके क्या प्राप्त होता है?
उत्तर— पढ़ाई करके ज्ञान प्राप्त होता है।
लिखित प्रश्नोत्तर
(टीप- एक शब्द में उत्तर लिखो।)
1. हमें प्रतिदिन किसका ध्यान करना चाहिए?
उत्तर— भगवान।
2. बच्चे किसका कल्याण चाहते हैं?
उत्तर— सबका।
3. हमें सदैव किस बात का ध्यान रहना चाहिए?
उत्तर— सेवा
कठिन शब्दों के अन्य अर्थ
भगवान = ईश्वर, प्रभु, सर्वशक्तिमान।
अभिमान = घमंड, दंभ।
कल्याण = भलाई।
मान = मर्यादा, सम्मान।
सदा = हमेशा, सदैव।
आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।
Thank you.
R. F. Tembhre
(Teacher)
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